22 अगस्त 2019 - 13:58
ईरान के एक वरिष्ठ आयतुल्लाह की भविष्यवाणी, मुसलमानों का पहला क़िबला ज़ायोनियों के चंगुल से होगा आज़ाद

ईरान के वरिष्ठ आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा है कि मुसलमानों का पहला क़िबला ज़ायोनियों के क़ब्ज़े से आज़ाद होगा और शीघ्र ही हिज़्बुल्लाह के जियाले इस पवित्र मस्जिद में जमात से नमाज़ पढ़ेंगे।

ग़ौरतलब है कि 21 अगस्त वर्ष 1969 को ज़ायोनियों ने मस्जिदुल अक़सा को आग लगा दी थी।

ज़ायोनियों के इस हमले में मस्जिद की छत का लगभग 200 मीटर भाग जलकर नष्ट हो गया और 800 वर्ष पुराना मिंबर जलकर राख हो गया था।

1948 में इस्राईल की अवैध स्थापना के बाद से ही ज़ायोनी इस पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थल का नामो निशान मिटाने का प्रयास करते रहे हैं, लेकिन वे अपनी साज़िशों में सफल नहीं हो सके हैं।

मध्यपूर्व में तेज़ी से बदलते हालात और शक्ति संतुलन को देखते हुए आयतुल्लाह हमदानी की भविष्यवाणी के सही होने में किसी तरह की कोई आशंका नहीं रह जाती।

इससे पहले ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता अवैध इस्राईली शासन के विनाश की भविष्यवाणी कर चुके हैं।

इस्राईल जो आए दिन अपने पड़ोसी देशों पर हवाई हमले करता था, अब इन देशों की रक्षा शक्ति के सामने असहाय है।

इस्राईल के सबसे बड़े समर्थक अमरीका का जब यह हाल हो गया है कि ईरान ने उसके सबसे आधुनिक ड्रोन को मार गिराया और अपने दुश्मन को सचेत कर दिया कि मध्यपूर्व में मनमानी के दिन अब लद चुके हैं।

इसमें कोई शक नहीं है कि फ़िलिस्तीनी पिछले 7 दशकों से अधिक से जो अत्याचर सहन करते आ रहे हैं, अब उनके दुखों का अंत होने जा रहे हैं और ज़ायोनी अधिकारी हिज़्बुल्लाह और हमास जैसे आंदोलनों के सामने नाक रगड़ते नज़र आयेंगे।